क्या आप 2026 में केदारनाथ की यात्रा प्लान कर रहे हैं और सोच रहे हैं कि दिल्ली से केदारनाथ कितना दूर है? तो यह आर्टिकल आपके लिए बेहद काम का है। Delhi to Kedarnath Distance 2026 की इस गाइड में हमने ट्रेन, बस, फ्लाइट और सड़क मार्ग से पूरी दूरी, समय, किराया और 3 दिन की ट्रिप प्लानिंग तैयार की है। केदारनाथ बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है और हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। पहली बार जाने वालों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि कैसे पहुंचें, कितना खर्चा आएगा और रास्ते में कौन कौन सी जगहें घूम सकते हैं। इस आर्टिकल में आपके हर सवाल का जवाब मिलेगा।
Delhi to Kedarnath Distance 2026 Overview Table
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| कुल दूरी सड़क मार्ग से | लगभग 460 किलोमीटर |
| कुल दूरी ट्रेन और सड़क | लगभग 480 किलोमीटर |
| ट्रेक दूरी गौरीकुंड से | 16 से 18 किलोमीटर |
| कुल यात्रा समय सड़क से | 12 से 14 घंटे ड्राइविंग |
| बेस्ट सीजन | मई से जून और सितंबर से अक्टूबर |
| मंदिर की ऊंचाई | 3,583 मीटर समुद्र तल से |
| नजदीकी रेलवे स्टेशन | ऋषिकेश या हरिद्वार |
| नजदीकी एयरपोर्ट | जॉली ग्रांट देहरादून |
Delhi to Kedarnath Distance by Road Time पूरी जानकारी
Delhi to kedarnath distance by road time की बात करें तो सड़क मार्ग से दिल्ली से केदारनाथ की दूरी लगभग 460 किलोमीटर है। लेकिन यह दूरी सिर्फ गौरीकुंड तक है क्योंकि गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक 16 से 18 किलोमीटर का पैदल ट्रेक करना पड़ता है।
सड़क मार्ग से यात्रा करने पर रास्ता बेहद खूबसूरत है। दिल्ली से हरिद्वार, फिर ऋषिकेश, देवप्रयाग, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, अगस्त्यमुनि, गुप्तकाशी और सोनप्रयाग होते हुए गौरीकुंड पहुंचते हैं। पहाड़ी रास्तों पर ड्राइविंग धीमी होती है इसलिए 12 से 14 घंटे का समय लगता है।
रास्ते के प्रमुख पड़ाव
| पड़ाव | दिल्ली से दूरी | अनुमानित समय |
|---|---|---|
| हरिद्वार | 220 किलोमीटर | 4 से 5 घंटे |
| ऋषिकेश | 240 किलोमीटर | 5 से 6 घंटे |
| देवप्रयाग | 300 किलोमीटर | 7 से 8 घंटे |
| श्रीनगर गढ़वाल | 330 किलोमीटर | 8 से 9 घंटे |
| रुद्रप्रयाग | 370 किलोमीटर | 9 से 10 घंटे |
| गुप्तकाशी | 420 किलोमीटर | 11 से 12 घंटे |
| सोनप्रयाग | 445 किलोमीटर | 12 से 13 घंटे |
| गौरीकुंड | 460 किलोमीटर | 13 से 14 घंटे |
रात में पहाड़ी रास्तों पर ड्राइव करना खतरनाक हो सकता है। इसलिए सुबह जल्दी निकलना बेहतर रहता है। रुद्रप्रयाग या गुप्तकाशी में रात रुककर अगले दिन आगे बढ़ सकते हैं।
Delhi to Kedarnath Distance by Train ट्रेन से कैसे पहुंचें

Delhi to kedarnath distance by train समझना जरूरी है क्योंकि ज्यादातर लोग ट्रेन से ही यात्रा करते हैं। केदारनाथ में कोई रेलवे स्टेशन नहीं है इसलिए ट्रेन से सीधे केदारनाथ नहीं पहुंच सकते। Delhi to kedarnath train सबसे नजदीकी दो स्टेशनों तक जाती है जो हरिद्वार और ऋषिकेश हैं।
दिल्ली से हरिद्वार और ऋषिकेश ट्रेन विकल्प
| ट्रेन का नाम | रूट | अनुमानित समय | अनुमानित किराया |
|---|---|---|---|
| शताब्दी एक्सप्रेस | दिल्ली से हरिद्वार | 4 से 5 घंटे | ₹600 से ₹1,200 |
| मसूरी एक्सप्रेस | दिल्ली से हरिद्वार | 5 से 6 घंटे | ₹250 से ₹800 |
| जन शताब्दी | दिल्ली से हरिद्वार | 4 से 5 घंटे | ₹400 से ₹900 |
| नंदा देवी एक्सप्रेस | दिल्ली से हरिद्वार | 5 से 6 घंटे | ₹250 से ₹700 |
| देहरादून एक्सप्रेस | दिल्ली से ऋषिकेश | 6 से 7 घंटे | ₹300 से ₹800 |
हरिद्वार या ऋषिकेश पहुंचने के बाद बस या टैक्सी से गौरीकुंड तक जाना पड़ता है। हरिद्वार से गौरीकुंड की दूरी लगभग 240 किलोमीटर है जिसमें 8 से 10 घंटे लगते हैं। ट्रेन का किराया सीजन और क्लास के हिसाब से बदलता रहता है इसलिए बुकिंग से पहले IRCTC वेबसाइट पर जांच कर लें।
Delhi to Kedarnath Flight Ticket Price फ्लाइट से कैसे जाएं
Delhi to kedarnath flight ticket price जानना उन लोगों के लिए जरूरी है जो समय बचाना चाहते हैं। Delhi to kedarnath distance by flight की बात करें तो दिल्ली से सीधे केदारनाथ के लिए कोई फ्लाइट नहीं है। सबसे नजदीकी एयरपोर्ट जॉली ग्रांट एयरपोर्ट देहरादून है।
फ्लाइट की जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| रूट | दिल्ली से देहरादून |
| उड़ान का समय | 1 से 1.5 घंटे |
| अनुमानित किराया | ₹2,500 से ₹6,000 expected |
| एयरलाइंस | इंडिगो, एयर इंडिया, स्पाइसजेट |
| देहरादून से गौरीकुंड | लगभग 230 किलोमीटर |
| देहरादून से गौरीकुंड समय | 8 से 10 घंटे सड़क से |
फ्लाइट का किराया सीजन के हिसाब से काफी बदलता है। मई जून में यात्रा सीजन होने की वजह से किराया ज्यादा होता है। पहले से बुकिंग करने पर सस्ती टिकट मिल सकती है।
देहरादून एयरपोर्ट से गौरीकुंड तक टैक्सी या शेयर कैब से जा सकते हैं। हेलीकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध है जो फटा या सेरसी से केदारनाथ तक उड़ान भरती है। हेलीकॉप्टर का किराया ₹7,000 से ₹10,000 प्रति व्यक्ति expected है।
Dehradun to Kedarnath Distance देहरादून से केदारनाथ कैसे पहुंचें

Dehradun to kedarnath distance लगभग 250 किलोमीटर है जो सड़क मार्ग से 8 से 10 घंटे में तय होती है। देहरादून से ऋषिकेश, फिर आगे का रास्ता दिल्ली वाले रूट जैसा ही है।
देहरादून से केदारनाथ रूट
| पड़ाव | दूरी देहरादून से | समय |
|---|---|---|
| ऋषिकेश | 45 किलोमीटर | 1 से 1.5 घंटे |
| देवप्रयाग | 100 किलोमीटर | 3 से 4 घंटे |
| रुद्रप्रयाग | 165 किलोमीटर | 5 से 6 घंटे |
| गुप्तकाशी | 210 किलोमीटर | 7 से 8 घंटे |
| गौरीकुंड | 240 किलोमीटर | 8 से 10 घंटे |
देहरादून से जाने का फायदा यह है कि फ्लाइट से पहुंचने वालों को यहीं से आगे की यात्रा शुरू करनी होती है। देहरादून में ही टैक्सी और बस की अच्छी सुविधा है।
Delhi to Kedarnath Bus Ticket Price बस से यात्रा की जानकारी
Delhi to kedarnath bus ticket price बजट यात्रियों के लिए सबसे जरूरी जानकारी है। दिल्ली से सीधे केदारनाथ या गौरीकुंड के लिए बसें नहीं चलतीं। पहले दिल्ली से हरिद्वार या ऋषिकेश तक बस लेनी पड़ती है, फिर वहां से आगे अलग बस या टैक्सी लेनी पड़ती है।
बस का किराया और विकल्प
| रूट | बस का प्रकार | अनुमानित किराया | समय |
|---|---|---|---|
| दिल्ली से हरिद्वार | सरकारी बस | ₹300 से ₹500 | 5 से 6 घंटे |
| दिल्ली से हरिद्वार | वॉल्वो एसी | ₹600 से ₹1,000 | 5 से 6 घंटे |
| दिल्ली से ऋषिकेश | सरकारी बस | ₹350 से ₹550 | 6 से 7 घंटे |
| हरिद्वार से गौरीकुंड | लोकल बस | ₹400 से ₹700 | 8 से 10 घंटे |
| ऋषिकेश से गौरीकुंड | शेयर टैक्सी | ₹500 से ₹1,000 | 8 से 9 घंटे |
उत्तराखंड रोडवेज और उत्तर प्रदेश रोडवेज की बसें दिल्ली से हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए नियमित चलती हैं। कश्मीरी गेट या ISBT से बसें मिल जाती हैं। यात्रा सीजन में बसें जल्दी भर जाती हैं इसलिए पहले से बुकिंग कर लें।
Chandigarh to Kedarnath Distance चंडीगढ़ से केदारनाथ
Chandigarh to kedarnath distance लगभग 400 किलोमीटर है। चंडीगढ़ से यात्रा करने वालों के लिए रूट थोड़ा अलग होता है।
चंडीगढ़ से केदारनाथ रूट
| पड़ाव | दूरी चंडीगढ़ से | समय |
|---|---|---|
| रूरकी | 180 किलोमीटर | 3 से 4 घंटे |
| हरिद्वार | 210 किलोमीटर | 4 से 5 घंटे |
| ऋषिकेश | 230 किलोमीटर | 4.5 से 5.5 घंटे |
| रुद्रप्रयाग | 370 किलोमीटर | 9 से 10 घंटे |
| गौरीकुंड | 430 किलोमीटर | 12 से 14 घंटे |
चंडीगढ़ से भी हरिद्वार होकर जाना पड़ता है। चंडीगढ़ से हरिद्वार तक नेशनल हाईवे अच्छा है और 4 से 5 घंटे में पहुंच सकते हैं। आगे का रास्ता दिल्ली वाले रूट जैसा ही है।
गौरीकुंड से केदारनाथ ट्रेक की पूरी जानकारी
गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक 16 से 18 किलोमीटर का पैदल ट्रेक करना पड़ता है। यह ट्रेक Delhi to Kedarnath Distance 2026 की यात्रा का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा है।
ट्रेक के विकल्प
| साधन | दूरी | अनुमानित समय | अनुमानित कीमत |
|---|---|---|---|
| पैदल ट्रेक | 16 से 18 किलोमीटर | 6 से 8 घंटे | निशुल्क |
| खच्चर | 16 किलोमीटर | 4 से 5 घंटे | ₹2,500 से ₹4,000 expected |
| पालकी | 16 किलोमीटर | 5 से 6 घंटे | ₹5,000 से ₹8,000 expected |
| हेलीकॉप्टर | हवाई मार्ग | 10 से 15 मिनट | ₹7,000 से ₹10,000 expected |
| पिट्ठू | 16 किलोमीटर | 5 से 6 घंटे | ₹6,000 से ₹10,000 expected |
बुजुर्गों और बच्चों के लिए खच्चर या हेलीकॉप्टर बेहतर विकल्प है। ट्रेक के रास्ते में चाय की दुकानें और आराम करने के शेल्टर बने हैं। ट्रेक करते समय पानी की बोतल, हल्का खाना और गर्म कपड़े जरूर साथ रखें।
3 दिन की परफेक्ट ट्रिप प्लानिंग
पहला दिन दिल्ली से गुप्तकाशी या रुद्रप्रयाग
सुबह 4 से 5 बजे दिल्ली से निकलें। हरिद्वार में नाश्ता करें और गंगा घाट के दर्शन करें। ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला और राम झूला देखें। शाम तक रुद्रप्रयाग या गुप्तकाशी पहुंचकर रात रुकें। रास्ते में देवप्रयाग में अलकनंदा और भागीरथी नदी का संगम देखना न भूलें।
दूसरा दिन गौरीकुंड से केदारनाथ ट्रेक
सुबह जल्दी गुप्तकाशी से गौरीकुंड पहुंचें जो लगभग 30 किलोमीटर दूर है। सोनप्रयाग में गाड़ी खड़ी करनी पड़ती है और वहां से गौरीकुंड शेयर जीप से जाना होता है। गौरीकुंड से ट्रेक शुरू करें। 6 से 8 घंटे में केदारनाथ पहुंचें। शाम की पूजा में शामिल हों और रात केदारनाथ में रुकें।
तीसरा दिन दर्शन और वापसी
सुबह की पहली पूजा में दर्शन करें। भैरवनाथ मंदिर और आदि शंकराचार्य समाधि भी देखें। दोपहर तक ट्रेक करके गौरीकुंड वापस आएं। शाम को गुप्तकाशी या रुद्रप्रयाग में रुकें।
दिन वार शेड्यूल
| दिन | एक्टिविटी | रात्रि विश्राम |
|---|---|---|
| पहला दिन | दिल्ली से गुप्तकाशी ड्राइव | गुप्तकाशी या रुद्रप्रयाग |
| दूसरा दिन | गौरीकुंड से केदारनाथ ट्रेक | केदारनाथ |
| तीसरा दिन | दर्शन और वापसी ट्रेक | गुप्तकाशी या आगे |
रास्ते में घूमने की जगहें
हरिद्वार
गंगा आरती देखना एक अविस्मरणीय अनुभव है। हर की पौड़ी पर शाम की आरती में जरूर शामिल हों। मनसा देवी और चंडी देवी मंदिर भी दर्शन के लिए प्रसिद्ध हैं।
ऋषिकेश
लक्ष्मण झूला और राम झूला ऋषिकेश की पहचान हैं। यहां राफ्टिंग और बंजी जंपिंग जैसी एडवेंचर एक्टिविटी भी कर सकते हैं। त्रिवेणी घाट पर स्नान करना शुभ माना जाता है।
देवप्रयाग
अलकनंदा और भागीरथी नदी का संगम यहीं होता है और यहीं से गंगा नदी का नाम शुरू होता है। यह जगह बेहद पवित्र और खूबसूरत है।
रुद्रप्रयाग
अलकनंदा और मंदाकिनी नदी का संगम यहां होता है। छोटा सा शांत शहर है जहां रात रुकने की अच्छी व्यवस्था है।
बजट प्लानिंग 3 दिन के लिए
| खर्च का प्रकार | अनुमानित खर्च प्रति व्यक्ति |
|---|---|
| दिल्ली से गौरीकुंड ट्रांसपोर्ट | ₹1,500 से ₹3,000 |
| गौरीकुंड से केदारनाथ ट्रेक या खच्चर | ₹0 से ₹4,000 |
| होटल 3 रातें | ₹1,500 से ₹5,000 |
| खाना 3 दिन | ₹1,000 से ₹2,500 |
| केदारनाथ रजिस्ट्रेशन | ₹50 से ₹100 |
| शॉपिंग और अन्य | ₹500 से ₹1,500 |
| कुल अनुमानित | ₹4,550 से ₹16,100 |
Pros और Cons
Pros
- भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है जिसका धार्मिक महत्व अपार है
- रास्ते में हरिद्वार, ऋषिकेश और देवप्रयाग जैसी खूबसूरत जगहें हैं
- ट्रेन, बस और फ्लाइट तीनों विकल्प उपलब्ध हैं
- हेलीकॉप्टर सेवा से बुजुर्ग और बच्चे भी आसानी से पहुंच सकते हैं
- प्राकृतिक सौंदर्य और पहाड़ों का नजारा अद्भुत है
- बजट यात्रा भी संभव है अगर सरकारी बस और पैदल ट्रेक करें
- केदारनाथ रजिस्ट्रेशन अब ऑनलाइन होता है जिससे प्रक्रिया आसान है
Cons
- 16 किलोमीटर का ट्रेक शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण है
- सीजन में बहुत ज्यादा भीड़ होती है खासकर मई जून में
- पहाड़ी रास्तों पर लैंडस्लाइड का खतरा रहता है बरसात में
- मौसम अचानक बदल सकता है और ठंड बहुत ज्यादा होती है
- खच्चर और पालकी का किराया काफी महंगा है
- मंदिर साल में सिर्फ 6 महीने खुलता है नवंबर से अप्रैल बंद रहता है
- ऊंचाई पर सांस लेने में दिक्कत हो सकती है कुछ लोगों को
Delhi to Kedarnath Distance 2026 यात्रा के लिए जरूरी टिप्स
केदारनाथ यात्रा पर जाने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। गर्म कपड़े जरूर साथ रखें क्योंकि ऊपर तापमान 0 डिग्री तक गिर सकता है। रेनकोट या विंडचीटर रखें क्योंकि मौसम कभी भी बदल सकता है। ट्रेकिंग शूज पहनकर जाएं जो फिसलन भरे रास्तों पर ग्रिप देते हैं।
पानी की बोतल, एनर्जी बार और सूखे मेवे साथ रखें। ऊंचाई पर सांस लेने में दिक्कत हो सकती है इसलिए धीरे धीरे चढ़ें और बीच में आराम करें। दवाइयां साथ रखें खासकर सिरदर्द, बुखार और पेट दर्द की। मोबाइल चार्जर और पावर बैंक जरूर ले जाएं क्योंकि ऊपर बिजली की व्यवस्था सीमित है।
बेस्ट सीजन कब जाएं
Delhi to Kedarnath Distance 2026 की यात्रा के लिए मई से जून और सितंबर से अक्टूबर का समय सबसे अच्छा है। मंदिर अप्रैल के अंत या मई की शुरुआत में खुलता है और नवंबर में बंद हो जाता है।
| महीना | मौसम | भीड़ का स्तर | सिफारिश |
|---|---|---|---|
| मई | सुहावना | बहुत ज्यादा | अच्छा लेकिन भीड़ |
| जून | गर्म और सुहावना | बहुत ज्यादा | पीक सीजन |
| जुलाई | बरसात | कम | लैंडस्लाइड का खतरा |
| अगस्त | बरसात | कम | रिस्की |
| सितंबर | साफ मौसम | मध्यम | बेहतरीन समय |
| अक्टूबर | ठंडा और साफ | कम | सबसे अच्छा समय |
केदारनाथ में दर्शन और पूजा
केदारनाथ मंदिर में दर्शन का समय सुबह 4 बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम 3 बजे से रात 9 बजे तक होता है। सुबह की पहली पूजा सबसे खास मानी जाती है। विशेष पूजा के लिए ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं।
मंदिर के आसपास देखने की जगहें
| जगह | दूरी मंदिर से | विशेषता |
|---|---|---|
| भैरवनाथ मंदिर | 500 मीटर | केदारनाथ के रक्षक |
| आदि शंकराचार्य समाधि | 200 मीटर | ऐतिहासिक स्थल |
| वासुकी ताल | 8 किलोमीटर | खूबसूरत झील |
| चोराबाड़ी ताल | 3 किलोमीटर | गांधी सरोवर |
| त्रियुगी नारायण मंदिर | सोनप्रयाग के पास | शिव पार्वती विवाह स्थल |
Delhi to Kedarnath Distance 2026 रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
2026 में केदारनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। उत्तराखंड सरकार ने यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की है। रजिस्ट्रेशन के बिना ट्रेक पर नहीं जा सकते।
रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड और मेडिकल सर्टिफिकेट जरूरी है। मेडिकल सर्टिफिकेट सोनप्रयाग या गौरीकुंड में बनवा सकते हैं जहां सरकारी डॉक्टर आपकी जांच करते हैं।
अंतिम शब्द
Delhi to Kedarnath Distance 2026 लगभग 460 किलोमीटर सड़क मार्ग से और 16 किलोमीटर पैदल ट्रेक मिलाकर कुल 476 किलोमीटर के आसपास है। यह यात्रा शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण जरूर है लेकिन भगवान शिव के दर्शन का अनुभव इन सब चुनौतियों से कहीं ऊपर है। ट्रेन, बस, फ्लाइट और सड़क मार्ग, हर तरीके से पहुंचने के विकल्प उपलब्ध हैं। बजट यात्री सरकारी बस और पैदल ट्रेक से कम खर्च में यात्रा कर सकते हैं जबकि आराम चाहने वाले हेलीकॉप्टर सेवा का इस्तेमाल कर सकते हैं। 3 दिन की ट्रिप में केदारनाथ के साथ हरिद्वार, ऋषिकेश और देवप्रयाग जैसी जगहें भी घूम सकते हैं जो इस यात्रा को और भी खास बना देती हैं। सही प्लानिंग, सही मौसम और सही तैयारी के साथ यह यात्रा आपकी जिंदगी का सबसे यादगार अनुभव बन सकती है।






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