शहर में रहते रहते एक वक्त ऐसा आता है जब ट्रैफिक की आवाज़ दफ़्तर की बैठकें और फ़ोन की लगातार घंटियाँ दिमाग़ पर इतना बोझ डाल देती हैं कि बस कहीं भाग जाने का मन करता है। मेरे साथ पिछले महीने बिल्कुल यही हुआ। दिल्ली की गर्मी और रोज़मर्रा की थकान से परेशान होकर मैंने अपने परिवार के साथ एक सप्ताहांत बाहर बिताने का फ़ैसला किया। एक दोस्त ने सुझाव दिया कि गुरुग्राम के पास प्रतापगढ़ फ़ार्म्स जाकर देखो।
मैंने वहाँ दो दिन बिताए और सच कहूँ तो उन दो दिनों ने मुझे वह सुकून दिया जो पिछले कई महीनों में नहीं मिला था। Pratapgarh Farms के बारे में मैंने जो कुछ भी अनुभव किया वह पूरी ईमानदारी से इस लेख में लिख रही हूँ। अच्छा भी बुरा भी और जो तस्वीरों में कभी नहीं दिखता वह भी।
Pratapgarh Farms Weekend
शहर में जब हर तरफ़ कंक्रीट की इमारतें और गाड़ियों का शोर हो तो हरियाली के बीच एक रात बिताना भी बहुत बड़ा बदलाव लगता है। प्रतापगढ़ फ़ार्म्स ने मुझे वही बदलाव दिया। यहाँ पहुँचते ही जो पहली चीज़ महसूस हुई, वह थी शांति। गाड़ियों का शोर ग़ायब। फ़ोन की घंटियाँ बंद हैं। बस पक्षियों की आवाज़ और हवा में मिट्टी की ताज़ी महक।
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| जगह का नाम | प्रतापगढ़ फ़ार्म्स |
| स्थान | पटौदी मार्ग गुरुग्राम हरियाणा |
| दिल्ली से दूरी | लगभग 50 किलोमीटर |
| ठहरने की कीमत | लगभग ₹2500 से ₹5000 प्रति व्यक्ति प्रति रात |
| खाना | सभी भोजन शामिल |
| बच्चों के लिए उपयुक्त | हाँ बहुत अच्छा |
| सबसे अच्छा मौसम | अक्टूबर से मार्च |
| गतिविधियाँ | खेती ऊँट सवारी ट्रैक्टर बैलगाड़ी लोक नृत्य |
Weekend Stay Pratapgarh Honest
2026 में दिल्ली और गुरुग्राम के आसपास कई फ़ार्म रिज़ॉर्ट खुल गए हैं। हर जगह अपने आप को सबसे अच्छा बताती है। ऐसे में सवाल उठता है कि प्रतापगढ़ फ़ार्म्स में ऐसा क्या ख़ास है जो बाकियों से अलग है।
मेरे अनुभव में इस जगह की सबसे बड़ी ख़ूबी यह है कि यहाँ सब कुछ असली लगता है। ना तो कोई बनावटी सजावट है और ना ही किसी होटल जैसा माहौल। मिट्टी के घर लकड़ी के झूले और खेतों में उगी ताज़ी सब्ज़ियाँ सब मिलकर एक ऐसा अनुभव देते हैं जो शहर में असंभव है।
Pratapgarh Farms Real

हम शनिवार सुबह दस बजे दिल्ली से निकले और लगभग डेढ़ घंटे में पहुँच गए। रास्ता सीधा और अच्छा था। फ़ार्म के मुख्य द्वार पर पहुँचते ही ढोल की आवाज़ सुनाई दी और दो कर्मचारियों ने तिलक लगाकर स्वागत किया। यह छोटी सी बात थी, लेकिन शहर से आकर यह स्वागत बहुत अच्छा लगा।
अंदर जाते ही हरे भरे खेत दिखे। एक तरफ़ गेहूँ का खेत था, दूसरी तरफ़ सब्ज़ियाँ लगी हुई थीं। बीच में मिट्टी और भूसे से बनी झोपड़ियाँ थीं जहाँ बैठकर चाय पी जा सकती थी। प्रतापगढ़ फ़ार्म्स का पहला प्रभाव बहुत सकारात्मक था।
Farm Stay Pratapgarh Honest
तस्वीरों में यह जगह बहुत रंगीन और साफ़ सुथरी दिखती है। असल में कुछ बातें हैं जो तस्वीरों से ज़ाहिर नहीं होतीं। पहली बात यह कि गर्मियों में यहाँ धूप बहुत तेज़ होती है और छायादार जगह सीमित है। मैंने देखा कि दोपहर में खुले खेतों में घूमना कठिन हो जाता है।
दूसरी बात यह है कि सप्ताहांत पर यहाँ काफ़ी लोग आते हैं। कुछ गतिविधियों में कतार लगानी पड़ी। ऊँट की सवारी के लिए हमने लगभग बीस मिनट इंतज़ार किया। यह बातें तस्वीरों में कभी नहीं दिखतीं लेकिन जानना ज़रूरी है ताकि उम्मीदें सही रहें।
Pratapgarh Weekend Trip
बिल्कुल हाँ। कमियों के बावजूद मैं यहाँ दोबारा ज़रूर जाऊँगी। इसकी वजह यह है कि जो शांति और ताज़गी यहाँ मिली,वह किसी शहरी रिज़ॉर्ट में नहीं मिलती। मेरे बच्चों ने पहली बार ट्रैक्टर पर बैठना सीखा। मेरे पति ने पहली बार हाथ से गन्ने का रस निकाला। ये छोटे छोटे पल बहुत कीमती थे।
अगली बार मैं सर्दियों में जाऊँगी जब मौसम ठंडा होगा और धूप से परेशानी नहीं होगी। शायद सप्ताह के बीच में जाऊँ ताकि भीड़ कम हो।
Pratapgarh Farms Location
प्रतापगढ़ फ़ार्म्स गुरुग्राम से पटौदी मार्ग पर लगभग 25 किलोमीटर दूर है। दिल्ली के केंद्र से कुल दूरी लगभग 50 किलोमीटर पड़ती है। अपनी गाड़ी से जाना सबसे आसान तरीका है। सड़क अच्छी है और रास्ते में कोई कठिनाई नहीं है।
गुरुग्राम से टैक्सी लेने पर लगभग ₹800 से ₹1200 किराया लगता है। सार्वजनिक बस से पटौदी तक जा सकते हैं और वहाँ से ऑटो मिल जाता है। लेकिन अपनी गाड़ी रहे तो सबसे सुविधाजनक है।
Farm Stay Room Real
हमने जो कमरा लिया वह मिट्टी की दीवारों वाली एक झोपड़ी थी। अंदर एक बड़ा पलंग था, साफ़ चादरें थीं और एक छोटा पंखा लगा हुआ था। वातानुकूलन की सुविधा नहीं थी, जो गर्मियों में थोड़ी असुविधा का कारण बन सकती है।
शौचालय अलग से बना हुआ था और साफ़ था। गर्म पानी उपलब्ध था। कुल मिलाकर कमरा किसी होटल जैसा नहीं था, लेकिन गाँव का असली अनुभव देने के लिए बिल्कुल उपयुक्त था। अगर आप आरामदायक बिस्तर और वातानुकूलन के बिना नहीं रह सकते तो यह जगह आपके लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
Pratapgarh Food Quality
खाने के बारे में मेरा अनुभव बहुत अच्छा रहा। यह इस पूरी यात्रा का सबसे मज़बूत हिस्सा था। सुबह का नाश्ता मिट्टी के चूल्हे पर बना हुआ था। ताज़े परांठे,मक्खन लस्सी और अचार—सब कुछ ऐसा था जैसा दादी माँ के घर में मिलता है।
दोपहर और रात के खाने में दाल, बीज़ी, रोरोटी ,चावल और खीर परोसी गई। सब कुछ ताज़ी सामग्री से बना था और मसाला बिल्कुल संतुलित था। खाना कीमत में शामिल था, इसलिए अलग से कुछ देना नहीं पड़ा। मेरे बच्चों ने भी सब कुछ खुशी से खाया, जो शहर में बनाए गए खाने के साथ कम ही होता है।
Farm Activities Real
यहाँ गतिविधियों की कोई कमी नहीं है। सुबह से शाम तक कुछ न कुछ करने को मिलता रहता है। मैंने और मेरे परिवार ने जो कुछ किया उसकी सूची यहाँ दे रही हूँ।
- ऊँट की सवारी जो बच्चों को बहुत पसंद आई
- बैलगाड़ी की सवारी जो धीमी लेकिन मज़ेदार थी
- ट्रैक्टर पर बैठकर खेतों का चक्कर
- हाथ से गन्ने का रस निकालना
- मिट्टी के बर्तन बनाने का अनुभव
- रस्सी पर चलने का खेल
- शाम को लोक नृत्य और संगीत का कार्यक्रम
- खुले मैदान में क्रिकेट और बैडमिंटन
सबसे अच्छी बात यह थी कि सभी गतिविधियाँ कीमत में शामिल थीं। कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगा। बच्चों के लिए और बड़ों के लिए काफ़ी कुछ था।
Pratapgarh Nature Feel
शहर से आकर जब मैंने पहली बार यहाँ की खुली हवा में साँस ली तो ऐसा लगा जैसे फेफड़ों ने कई महीनों बाद ठीक से काम किया। यहाँ की हवा में मिट्टी की सोंधी महक थी जो कंक्रीट के शहर में कभी नहीं मिलती।
शाम को जब सूरज खेतों के पीछे डूब रहा था तो वह दृश्य मोबाइल की किसी तस्वीर से कहीं ज़्यादा सुंदर था। मैं और मेरे पति खेत की मेड़ पर बैठकर चाय पी रहे थे और बच्चे मिट्टी में खेल रहे थे। वह शाम मेरी इस पूरी यात्रा की सबसे सुंदर याद है।
Farm Stay Cost Real पूरे Weekend
पूरे सप्ताहांत का खर्चा मेरे परिवार के लिए इस प्रकार रहा। हम चार लोग थे: दो बड़े और दो बच्चे।
| खर्चे का ब्योरा | रकम |
|---|---|
| ठहरने की कीमत दो बड़े एक रात | ₹8000 |
| बच्चों का शुल्क दो बच्चे | ₹3000 |
| दिल्ली से आने जाने का ईंधन | ₹1200 |
| अतिरिक्त नाश्ता और चाय | ₹0 शामिल था |
| सभी गतिविधियाँ | ₹0 शामिल था |
| कुल खर्चा | लगभग ₹12200 |
चार लोगों के परिवार के लिए एक रात के ठहरने में लगभग ₹12000 का खर्चा आया। इसमें खाना और सभी गतिविधियाँ शामिल थीं। किसी होटल में इतने पैसों में सिर्फ़ कमरा मिलता है। यहाँ पूरा अनुभव मिला जो मेरी नज़र में उचित कीमत है।
Pratapgarh Kids Friendly
बिल्कुल सही है। मेरे बच्चे छह और नौ साल के हैं और दोनों ने यहाँ बहुत आनंद लिया। ऊँट की सवा,,री ट्रैक्ट,,र मिट्टी के बर्तन बनाना और खेतों में दौड़—ना— ये सब उनके लिए बिल्कुल नए अनुभव थे।
शहर में बच्चे मोबाइल और टैबलेट से चिपके रहते हैं। यहाँ मेरे दोनों बच्चों ने पूरे दो दिन बिना किसी स्क्रीन के बिताए। वे मिट्टी में खेले जानवरों को देखा और रात को तारों के नीचे सोए। यह अनुभव उनके लिए किसी भी खिलौने से ज़्यादा कीमती था।
Farm Morning Feel Pratapgarh
सुबह पाँच बजे जब मेरी आँख खुली तो पक्षियों की चहचहाहट सुनाई दे रही थी। बाहर हल्का अँधेरा था और हवा ठंडी थी। मैं झोपड़ी से बाहर निकली और खेतों की तरफ़ चल दी। सूरज अभी निकला नहीं था, लेकिन आसमान में हल्की लालिमा फैल रही थी।
वह सुबह इतनी शांत थी कि मैं दस मिनट तक खेत की मेड़ पर खड़ी रही बिना कुछ सोचे। शहर में ऐसी सुबह कभी नहीं मिलती जहाँ कोई ,,आवाज़ न हो कोई जल्दी न हो और कोई सूचना न आए।
Pratapgarh Crowd Level
शनिवार को दोपहर तक काफ़ी लोग आ गए थे। मेरे अंदाज़ से लगभग 60 से 80 लोग उस समय फ़ार्म पर मौजूद थे। कुछ गतिविधियों में कतार लगी हुई थी और खाने के समय बैठने की जगह पर थोड़ी भीड़ दिखी।
रविवार सुबह भीड़ कम थी क्योंकि कई लोग सिर्फ़ एक दिन के लिए आए थे। अगर आप शांति से समय बिताना चाहते हैं तो सप्ताह के बीच में जाना बेहतर रहेगा। सप्ताहांत पर भीड़ की संभावना हमेशा रहती है, ख़ासकर अक्टूबर से मार्च के बीच।
अच्छी बातें और कमियाँ
अच्छी बातें
- खाना बहुत स्वादिष्ट और घर जैसा था सब कुछ ताज़ा बना हुआ
- गतिविधियों की भरमार थी और सब कीमत में शामिल
- बच्चों के लिए बहुत अच्छी जगह है मोबाइल से दूर समय बिताने का मौका
- दिल्ली से सिर्फ़ डेढ़ घंटे की दूरी पर है
- प्राकृतिक माहौल शांत और ताज़गी भरा था
- कर्मचारियों का व्यवहार अच्छा और स्वागत करने वाला था
कमियाँ
- गर्मियों में वातानुकूलन नहीं है जो असुविधा का कारण बन सकता है
- सप्ताहांत पर भीड़ अधिक रहती है
- कुछ गतिविधियों में कतार लगानी पड़ती है
- कमरे बहुत साधारण हैं होटल जैसी सुविधा नहीं है
- छायादार जगह सीमित है दोपहर में धूप से बचना कठिन है
क्या प्रतापगढ़ फ़ार्म्स में रात को ठहरना ज़रूरी है या दिन में भी जा सकते हैं
दिन में भी जा सकते हैं। सिर्फ़ दिन की यात्रा का अलग शुल्क होता है जो लगभग ₹1500 से ₹2500 प्रति व्यक्ति है। इसमें खाना और गतिविधियाँ शामिल रहती हैं।क्या यहाँ अपना खाना ले जा सकते हैं
बाहर का खाना ले जाने की अनुमति आमतौर पर नहीं दी जाती। यहाँ का खाना कीमत में शामिल होता है और काफ़ी अच्छा बनता है इसलिए बाहर से ले जाने की ज़रूरत भी नहीं पड़ती।क्या बारिश के मौसम में प्रतापगढ़ फ़ार्म्स खुला रहता है
हाँ बारिश में भी खुला रहता है लेकिन कुछ बाहरी गतिविधियाँ बंद हो सकती हैं। खेतों में कीचड़ हो जाता है इसलिए बारिश के मौसम में जाने से पहले फ़ोन पर पुष्टि कर लें।क्या बुज़ुर्ग लोग यहाँ आराम से जा सकते हैं
हाँ बुज़ुर्ग लोग जा सकते हैं। बैठने की जगह काफ़ी है और ज़्यादातर गतिविधियाँ वैकल्पिक हैं। लेकिन चलने फिरने के लिए ज़मीन कच्ची है जिस पर ध्यान देना ज़रूरी है।क्या यहाँ पालतू जानवर ले जा सकते हैं
अधिकांश फ़ार्म रिज़ॉर्ट पालतू जानवरों की अनुमति नहीं देते। प्रतापगढ़ फ़ार्म्स की नीति के बारे में जाने से पहले सीधे फ़ोन पर पूछना बेहतर रहेगा ताकि कोई असुविधा न हो।निष्कर्ष
Pratapgarh Farms उन लोगों के लिए बनी हुई जगह है जो शहर की कृत्रिम चमक से थककर कुछ असली और सादा अनुभव चाहते हैं। मेरे पूरे सप्ताहांत में सबसे अच्छा हिस्सा खाना और सुबह की शांति थी। सबसे कमज़ोर हिस्सा गर्मी में वातानुकूलन की कमी और सप्ताहांत की भीड़ था।
लगभग ₹12000 में चार लोगों के परिवार को एक रात का ठहरना तीनों भोजन और दर्जनों गतिविधियाँ मिलती हैं जो मेरी नज़र में उचित है। अगर आप दिल्ली या गुरुग्राम में रहते हैं और एक छोटी सी यात्रा की तलाश में हैं तो यह जगह एक बार ज़रूर जाकर देखें। बस सर्दियों में जाएँ और सप्ताह के बीच का दिन चुनें तो अनुभव और भी बेहतर रहेगा।





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