छत्रपति शिवाजी महाराज की 212 फीट ऊंची प्रतिमा को देखना हर भारतीय के लिए गर्व का अनुभव है। अरब सागर के बीच खड़ी यह विशाल प्रतिमा न सिर्फ मराठा गौरव की प्रतीक है बल्कि दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमाओं में से एक है। Shivaji Statue 2026 को देखने के लिए देश और दुनिया से लोग आ रहे हैं और अगर आपने अभी तक प्लान नहीं बनाया तो यह सही समय है।
मैं पिछले साल अपने परिवार के साथ मुंबई गया था और इस प्रतिमा को देखने का मौका मिला। सच कहूं तो जब बोट से नजदीक पहुंचे और प्रतिमा सामने आई तो कुछ पल के लिए सब चुप हो गए। उस भव्यता को शब्दों में बयान करना मुश्किल है। मेरे 8 साल के बेटे ने तो घर आकर शिवाजी महाराज की कहानी सुनने की जिद पकड़ ली। यही इस जगह की खासियत है कि यह बच्चों में भी देशभक्ति की भावना जगाती है।
इस गाइड में आपको प्रतिमा तक पहुंचने का पूरा प्लान, 3 दिन 2 रात का पैकेज, होटल बुकिंग और आसपास के टूरिस्ट प्लेसेज की जानकारी मिलेगी।
Shivaji Statue 2026 Overview Table
| जानकारी | डिटेल |
|---|---|
| प्रतिमा का नाम | छत्रपति शिवाजी महाराज स्मारक |
| स्थान | अरब सागर में मुंबई तट के पास |
| ऊंचाई | reportedly 212 फीट |
| निर्माता | भारत सरकार और महाराष्ट्र सरकार |
| निकटतम शहर | मुंबई |
| पहुंचने का तरीका | बोट या फेरी सेवा |
| दर्शन का समय | reportedly सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक |
| टिकट कीमत भारतीय | reportedly 300 से 500 रुपये expected |
| टिकट कीमत विदेशी | reportedly 1000 से 1500 रुपये expected |
| बेस्ट सीजन | अक्टूबर से मार्च |
| नजदीकी रेलवे स्टेशन | CSMT मुंबई सेंट्रल |
| नजदीकी एयरपोर्ट | छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा |
ऊपर दी गई जानकारी मौजूदा रिपोर्ट्स पर आधारित है। प्रतिमा का उद्घाटन और सार्वजनिक दर्शन से जुड़ी तारीखें और कीमतें बदल सकती हैं इसलिए जाने से पहले ऑफिशियल वेबसाइट से कन्फर्म जरूर करें।
Shivaji Statue की भव्यता और इतिहास
प्रतिमा की खासियत
Shivaji Statue 2026 अरब सागर में एक कृत्रिम द्वीप पर स्थापित है। reportedly 212 फीट ऊंची यह प्रतिमा कांस्य धातु से बनी है। छत्रपति शिवाजी महाराज को घोड़े पर सवार और तलवार हाथ में लिए दिखाया गया है। यह मुद्रा मराठा साम्राज्य की वीरता और शौर्य का प्रतीक है।
प्रतिमा का बेस एक विशाल स्मारक भवन है जिसमें म्यूजियम, गैलरी और व्यूइंग डेक बनाया गया है। म्यूजियम में शिवाजी महाराज के जीवन, युद्ध और प्रशासन से जुड़ी जानकारी मिलती है। बच्चों और युवाओं के लिए यह एक जीवंत इतिहास की किताब है।
क्यों जरूर जाना चाहिए
यह सिर्फ एक प्रतिमा नहीं बल्कि भारतीय इतिहास और गौरव का प्रतीक है। समुद्र के बीच खड़ी यह प्रतिमा इंजीनियरिंग का कमाल भी है। बोट से जाते समय जब धीरे-धीरे प्रतिमा नजदीक आती है तो वो नजारा रोमांचकारी होता है। परिवार के साथ यह अनुभव सबके लिए यादगार बनता है।
Shivaji Statue तक कैसे पहुंचें

बोट और फेरी सेवा
प्रतिमा तक पहुंचने का एकमात्र रास्ता बोट या फेरी है। मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया या नरीमन पॉइंट से फेरी सेवा उपलब्ध होने की उम्मीद है। बोट की सवारी reportedly 15 से 20 मिनट की होगी। फेरी टिकट प्रतिमा के टिकट से अलग हो सकता है।
मेरी सलाह है कि सुबह जल्दी जाएं। समुद्र में सुबह का मौसम शांत रहता है और बोट की सवारी ज्यादा आरामदायक होती है। दोपहर बाद लहरें बढ़ सकती हैं जिससे बोट ज्यादा हिलती है।
मुंबई तक कैसे पहुंचें
मुंबई हवाई, रेल और सड़क तीनों मार्गों से अच्छी तरह जुड़ा है। छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देश के हर बड़े शहर से कनेक्टेड है। CSMT और मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन से पूरे भारत की ट्रेनें आती हैं। दिल्ली से राजधानी एक्सप्रेस 16 घंटे में पहुंचाती है।
लोकल ट्रांसपोर्ट
मुंबई में लोकल ट्रेन सबसे सस्ता और तेज विकल्प है। CSMT या चर्चगेट स्टेशन उतरकर गेटवे ऑफ इंडिया तक ऑटो या टैक्सी ले सकते हैं। OLA और Uber भी आसानी से मिलते हैं। BEST बस भी चलती है जो सबसे किफायती विकल्प है।
3 दिन 2 रात Family Package Plan
दिन 1 मुंबई पहुंचना और शहर घूमना
सुबह या दोपहर तक मुंबई पहुंचें और होटल में चेक इन करें। दोपहर का खाना खाने के बाद गेटवे ऑफ इंडिया, ताजमहल पैलेस होटल का बाहरी नजारा और कोलाबा कॉजवे मार्केट घूमें। शाम को मरीन ड्राइव पर टहलें और सूर्यास्त का मजा लें। रात में जुहू बीच या बांद्रा बैंडस्टैंड जा सकते हैं।
दिन 2 Shivaji Statue और एलिफेंटा गुफाएं
यह पूरे ट्रिप का सबसे खास दिन है। सुबह 8 बजे तक गेटवे ऑफ इंडिया पहुंचें। Shivaji Statue 2026 के लिए बोट लें और प्रतिमा के दर्शन करें। म्यूजियम और व्यूइंग डेक पर समय बिताएं। दोपहर बाद एलिफेंटा गुफाओं के लिए फेरी लें जो गेटवे ऑफ इंडिया से ही मिलती है। शाम को वापसी।
दिन 3 बाकी मुंबई और वापसी
सुबह सिद्धिविनायक मंदिर या हाजी अली दरगाह जाएं। दोपहर को छत्रपति शिवाजी महाराज वास्तु संग्रहालय देखें। शाम को वापसी की ट्रेन या फ्लाइट पकड़ें।
पैकेज की अनुमानित लागत
| खर्च का प्रकार | 4 लोगों के परिवार के लिए reportedly |
|---|---|
| होटल 2 रात | 4000 से 12000 रुपये |
| प्रतिमा टिकट और बोट | 2000 से 4000 रुपये |
| एलिफेंटा फेरी और टिकट | 800 से 1200 रुपये |
| खाना 3 दिन | 4000 से 7000 रुपये |
| लोकल ट्रांसपोर्ट | 2000 से 4000 रुपये |
| अन्य खर्च | 1000 से 2000 रुपये |
| कुल अनुमानित खर्च बिना ट्रैवल | 14000 से 30000 रुपये |
ट्रेन या फ्लाइट का खर्च शहर और बुकिंग के समय पर निर्भर करता है। जल्दी बुकिंग करने पर सस्ते टिकट मिलते हैं।
Hotel Booking Availability मुंबई में कहां रुकें
गेटवे ऑफ इंडिया के पास
Shivaji Statue तक जाने के लिए गेटवे ऑफ इंडिया सबसे नजदीकी पॉइंट है। इस एरिया में कोलाबा और फोर्ट इलाके में कई होटल मिलते हैं। बजट होटल reportedly 1500 से 3000 रुपये प्रति रात में उपलब्ध हैं। मिड रेंज होटल reportedly 3000 से 6000 रुपये में मिलते हैं।
यहां रुकने का फायदा यह है कि सुबह जल्दी पैदल चलकर बोट पॉइंट तक पहुंच सकते हैं। एलिफेंटा फेरी भी यहीं से मिलती है। आसपास खाने-पीने और शॉपिंग की कई जगहें हैं।
बजट में रुकना हो तो
अंधेरी, दादर या लोअर परेल में बजट होटल reportedly 1000 से 2000 रुपये में मिल जाते हैं। लोकल ट्रेन से गेटवे ऑफ इंडिया तक 30 से 40 मिनट में पहुंच सकते हैं। पैसे बचाने का यह सबसे अच्छा तरीका है।
बुकिंग टिप्स
सीधे होटल से फोन पर बुक करना ऐप्स से सस्ता पड़ता है। वीकेंड पर कीमतें 20 से 30 प्रतिशत बढ़ जाती हैं। दिसंबर-जनवरी में मुंबई में सबसे ज्यादा टूरिस्ट आते हैं इसलिए 15 से 20 दिन पहले बुकिंग करना जरूरी है। Shivaji Statue 2026 के उद्घाटन के बाद भीड़ और बढ़ने की उम्मीद है।
Shivaji Statue के आसपास Best Tourist Places

गेटवे ऑफ इंडिया
मुंबई का सबसे प्रतिष्ठित स्मारक जो 1924 में बना था। यहां से Shivaji Statue और एलिफेंटा गुफाओं के लिए बोट मिलती है। शाम को यहां का माहौल बहुत जीवंत होता है।
एलिफेंटा गुफाएं
UNESCO विश्व धरोहर स्थल जो गेटवे ऑफ इंडिया से एक घंटे की फेरी राइड पर है। प्राचीन शिव मंदिर और मूर्तियां यहां की खासियत हैं। टिकट भारतीय पर्यटकों के लिए 40 रुपये और विदेशियों के लिए 600 रुपये है।
मरीन ड्राइव
मुंबई का नेकलेस जो रात में रोशनी में चमकता है। 3.6 किलोमीटर लंबा यह समुद्र तटीय रास्ता शाम को टहलने के लिए सबसे अच्छी जगह है। परिवार के साथ यहां बैठकर समुद्र की लहरें देखना बहुत सुकून देता है।
सिद्धिविनायक मंदिर
मुंबई का सबसे प्रसिद्ध गणेश मंदिर जहां हर दिन हजारों भक्त आते हैं। सुबह जल्दी जाने पर कम भीड़ मिलती है। मंगलवार को सबसे ज्यादा भीड़ होती है।
छत्रपति शिवाजी महाराज वास्तु संग्रहालय
पहले प्रिंस ऑफ वेल्स म्यूजियम के नाम से जाना जाता था। यहां प्राचीन कलाकृतियां, मूर्तियां और पेंटिंग्स देख सकते हैं। बच्चों के लिए शैक्षणिक और रोचक अनुभव है।
हाजी अली दरगाह
समुद्र के बीच बनी यह दरगाह मुंबई की पहचान है। उच्च ज्वार के समय दरगाह तक जाने का रास्ता पानी में डूब जाता है। यहां जाने का सही समय ज्वार कम होने पर है।
जुहू बीच
मुंबई का सबसे मशहूर बीच जहां पानीपुरी, भेलपुरी और पाव भाजी का मजा ले सकते हैं। बच्चों के लिए रेत में खेलने और घुड़सवारी का विकल्प भी है।
संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान
मुंबई शहर के अंदर स्थित यह राष्ट्रीय उद्यान कान्हेरी गुफाओं के लिए मशहूर है। जंगल सफारी और ट्रेकिंग का मजा ले सकते हैं। परिवार के साथ पूरा दिन बिताने के लिए बेहतरीन जगह है।
Shivaji Statue Trip Quick Guide
| समय | गतिविधि |
|---|---|
| दिन 1 सुबह | मुंबई पहुंचें और चेक इन |
| दिन 1 दोपहर | गेटवे ऑफ इंडिया और कोलाबा |
| दिन 1 शाम | मरीन ड्राइव सूर्यास्त |
| दिन 2 सुबह | Shivaji Statue दर्शन |
| दिन 2 दोपहर | एलिफेंटा गुफाएं |
| दिन 2 शाम | जुहू बीच |
| दिन 3 सुबह | सिद्धिविनायक मंदिर |
| दिन 3 दोपहर | म्यूजियम और शॉपिंग |
| दिन 3 शाम | वापसी |
Shivaji Statue 2026 Trip के Pros और Cons
Pros
- छत्रपति शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि देने का गौरवशाली अनुभव
- बोट से समुद्र में सफर करने का रोमांच
- म्यूजियम में इतिहास सीखने का मौका बच्चों के लिए
- मुंबई में हर बजट के होटल और खाना उपलब्ध
- देश के हर शहर से ट्रेन और फ्लाइट कनेक्टिविटी
- आसपास दर्जनों टूरिस्ट प्लेसेज एक ट्रिप में बहुत कुछ
- शैक्षणिक और मनोरंजक दोनों तरह का अनुभव
- हर उम्र के लोगों के लिए उपयुक्त
Cons
- मुंबई महंगा शहर है खाना और ट्रांसपोर्ट महंगा
- बोट से जाना समुद्री मौसम पर निर्भर
- बरसात में लहरें ज्यादा होती हैं और बोट सेवा बंद हो सकती है
- दिसंबर-जनवरी में बहुत भीड़ होती है
- मुंबई की ट्रैफिक में समय ज्यादा लगता है
- Shivaji Statue 2026 की सटीक टिकट कीमत अभी अनिश्चित
- छोटे बच्चों के लिए बोट सवारी में सावधानी जरूरी
यात्रा से पहले जरूरी टिप्स
बोट की सवारी से पहले मोशन सिकनेस की दवा लें अगर समुद्र में जी मिचलाता है। बच्चों को लाइफ जैकेट पहनाना जरूरी है जो बोट में मिलती है। पानी की बोतल, सनस्क्रीन और टोपी साथ रखें। कैमरा जरूर लें क्योंकि समुद्र से प्रतिमा के नजारे बेहद शानदार होते हैं। कैश रखें क्योंकि बोट पर UPI काम नहीं करता।
मुंबई में लोकल ट्रेन सबसे तेज विकल्प है। पहली बार आ रहे हैं तो फर्स्ट क्लास पास ले लें जो reportedly 100 से 150 रुपये में पूरे दिन का मिलता है। इससे भीड़ से बचकर यात्रा कर सकते हैं।
निष्कर्ष
Shivaji Statue 2026 भारत का एक ऐसा पर्यटन स्थल बनने जा रहा है जो हर भारतीय की बकेट लिस्ट में होना चाहिए। छत्रपति शिवाजी महाराज की भव्य प्रतिमा को देखना सिर्फ पर्यटन नहीं बल्कि गौरव और देशभक्ति का अनुभव है। 3 दिन 2 रात का प्लान बनाएं तो प्रतिमा के साथ मुंबई के अन्य शानदार स्थल भी घूम सकते हैं।
reportedly 14000 से 30000 रुपये में चार लोगों के परिवार की पूरी ट्रिप बिना ट्रैवल खर्च के हो सकती है। सही प्लानिंग के साथ जाएं, पहले से होटल और बोट टिकट बुक करें और इस गौरवशाली अनुभव का हिस्सा बनें। जाने से पहले ऑफिशियल वेबसाइट से लेटेस्ट जानकारी जरूर ले लें क्योंकि कीमतें और टाइमिंग बदल सकती हैं।






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